भारत और विश्व का वनस्पति | Geography Hindi GK | भूगोल ग्यान हिन्दी में

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*भारत और विश्व का वनस्पति *
नदी के डेलटाई क्षेत्र में ज्वर के कारण भूमि दल पाई जाती हैं, दलदली क्षेत्रो में उगने वाले वनों को ही ज्वारीय वन कहते हैं एस वन का प्रमुख व्रक्ष सुन्दर और मेन्ग्रोव हैं.
सबसे अधिक यह वन पश्चिमय बंगाल के सुनदर वन के डेल्टाइए क्षेत्रो में पाई जाती हैं.

भू मध्य सागरीय वन :- जहा पर जाड़े में फुहारे के रूप में वर्षा वहा भू-मध्य सागरीय वन पाई  पाई जाती हैं , इसमे रसदार खटे  फल की प्रधानता होती हैं
जैसे:- अंगूर , मोसमी , नींबू , नासपाती , संतरा , केला
विश्व में यह वन इटली , फ्रांस , मोस्को , तुर्की .स्पेन में पाई जाती हैं.
कटीली वन :- भारत और विश्व में जहा पर 100 cm से वर्षा कम होती हैं, वह भुमिगती जलस्थल निचे होती हैं , जिसके कारण इस वन की जड़े निचे लम्बी होती हैं . कद छोटी , खाल मोती , तना कटीली होती हैं .
इसके प्रमुख व्रक्ष – खैर , खजूर , बैर , बबुर , नागफनी भारत और विश्व के मरुस्थल भागो में यह वन पाई जाती हैं

सदाबहार बन | चिर हरित वन | चौडे पत्ती वाले वन | उष्ण कटिबन्धी बन
भारत और विश्व में 200 cm से अधिक वर्षा होती हैं सदाबहार वन पाई जाती है  
यह वनस्पति अपने पत्ते को एक साथ नहीं गिरती हैं इसी लिए सदा हरा भरा दीखाई देती हैं , इस वन की लकड़ी कठोर होती हैं , इस वन की पत्ती चौडे व् सघन होती हैं ,
इसके प्रमुख वृक्ष :- रबड़ येबोनी , मोहोगनी , रोंजवूड आयरण ऊड , बॉस , आबनुस , सिनकोना मुख्य हैं ,

वन विस्व्तीयरेखा प्रदेश में मिलता हैं .

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पतझड़ वन | पर्णपाती वन | मानसूनी वन :-
भारत और विश्व में जहा पर 100-200 cm के बिच वर्षा होती है वह पतझड़ वन पाई जाती हैं  यह वनस्पति ऋतू शुरू होती ही अपने पत्ती को गिरा देती हया झाड़ देती हैं.
भारत में यह वन अधिक मिलती हैं
इसके प्रमुख वृक्ष :- सखुआ , सागव , सिशम , चन्दन , पीपल , बरगद महुआ , आम कटहल
भारत में यह वन मध्यपर्देश उत्तर प्रदेश , विहार , झारखण्ड , प. बंगाल में पाई जाती हैं,
विश्वमें यह वन भारत , चीन , बांग्लादेश , म्यामार जापान , में पाई जाती हैं.
कोन धरी वन |  शुकुंधारी वन  | अप्लाईन न | टुन्ड्रा टेंगा वन
धुर्वीय और पर्वर्तीय क्षेत्र में उणडा के कारण  हिम के जमाव होती है .
आर्धिक पट्टी से इसको उपयोग सबसे अधिक होती हैं ,
इसके प्रमुख वृक्षचिर  फर , पाईन , देद्वार , मेपल , अओक लार्च सपुस होती हैं , ससे अधिक यह कनाडा में पाई जाती हैं .
* परयावर्ण संतुलन के लिए क्षेत्र के ३३ % भाग पर वन होनी चाहिए .
* भारत में २१०% विश्व में 29% भाग पर वन होनी चाहिए .
* परयावरण दिवस 5 जून को मनाई जाती है..
* कटीली वन में कांटा पत्ती का रूप होता है...
* चीर के पेड़ से तारपीन का तेल निकलता है....
* सिनकोन वृक्ष के छाल से मलेरिया के लिए कुनेन नमाक दावा बनायीं जाती है ...
* लौंग कली होती है...
* चन्दन सबशे अधिक कर्नाटक में पायी जाती है...
* सागवान सबसे अधिक मध्यप्रदेश , तमिलनाडु , में पायी जाती है ...
* बाँस उष्ण कटिबन्धी घास है जो सब्शे लम्बा होता है ...
* सबशे अधिक वन मध्यप्रदेश में है ! और सबसे कम हरियाणा में है...
* केन्द्रसासित प्रदेश में सबसे अधिक वन अंडमान निकोवार दीप पर है ..सवसे कम दिल्ली में पाई जाती है
* सवसे अधिक वनाछालित राज्य असम , मिजोरम , अरुराचल प्रदेस है .......

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